PM तो इ'- स्तीफा देंगे नहीं इसलिए वे अपने स्वास्थ्य मंत्री को हटा दें, अभी भी लाखों की जान ब'- च सकती है : रवीश कुमार

यह संकट अब भी सँभाला जा सकता है अगर स्वास्थ्य मंत्री को ह'- टा दिया जाए क्यों और कैसे ? ऐसे भी डॉ हर्षवर्धन का काम प्रधानमंत्री का ट्वीट री ट्वीट करना है और उनको दिन भर योद्धा बताने का ट्वीट करना है। यह काम डॉ हर्षवर्धन घर बैठ कर भी कर सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री होना ज़रूरी नहीं है। एक डॉ स्वास्थ्य मंत्री को क्या करना चाहिए? उसके पास कई दर्जन डाक्टरों की एक टीम होनी चाहिए जो कोविड के मरीज़ों का इलाज कर रहे सभी डाक्टरों के प्रेस्किप्शन का अध्ययन करती रहे।

बेशक लाखों प्रेसक्रिप्शन का अध्ययन संभव नहीं है लेकिन कई सौ प्रेसक्रिप्शन का अध्ययन हर दिन किया जा सकता है। इससे टीम को पता चलेगा कि छपरा से लेकर दिल्ली तक के तमाम डाक्टर किस तरह इलाज कर रहे हैं। किस स्टेज पर कौन सी दवा दे रहे हैं और कौन सी दवा नहीं दे रहे हैं। इसकी वजह से किस तरह के मरीज़ को अस्पताल जाना पड़ा और अगर दवा दी जाती तो अस्पताल नहीं जाना पड़ता। हमें इस वक़्त यह जानना ही होगा कि क्यों इतने मरीज़ अस्पताल जा रहे हैं? उनके डाक्टर ने सही दवा नहीं दी या दी तो देर से दी?

क्या कोई ऐसी देरी हो रही है जिसकी वजह से मरीज़ की हालत बि'- गड़ रही है? ऐसा लगता है कि सभी डाक्टर अलग अलग तरीक़े से इलाज कर रहे हैं। सरकार ने इलाज के लिए एक प्रोटोकॉल बनाया है लेकिन वो कारगर नहीं लग रहा है। उसका भी अध्ययन होना चाहिए कि इस प्रोटोकॉल के फोलो करने के बाद भी मरीज़ को अस्पताल तक क्यों जाना पड़ा? कुछ मरीज़ तो जाएँगे अस्पताल लेकिन इस तरह भ'- गदड़ नहीं मचनी चाहिए।प्रोटोकॉल बनाने वाली टीम को अ'- हंकार छोड़ कर काम करना चाहिए। इलाज करने वाले डाक्टरों से बात कर उनकी कमियों को समझें और गाइड करें।

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